Urdu & Hindi Stories - Stories.pk
http://www.stories.pk/urdu-hindi/

तुम भी मजबूर हो हम भी मजबूर हैं - Hindi-Urdu Poetry
http://www.stories.pk/urdu-hindi/hindi-urdu-poetry-t12626.html
Page 1 of 1

Author:  nahiaali [ Fri Jun 25, 2010 10:18 am ]
Post subject:  तुम भी मजबूर हो हम भी मजबूर हैं - Hindi-Urdu Poetry

तुम भी मजबूर हो हम भी मजबूर हैं
बे-वफा कौन है, बा-वफा कौन है
- बशीर बद्र



पी शौक से वाइज अरे क्या बात है डर की
दोजख तिरे कब्जे में है जन्नत तेरे घर की
- शकील



मैं मैकदे की राह से होकर गुजर गया
वरना सफर हयात का काफी तबील था
- अब्दुल हमीद ''अदम''



कुछ सागरों में जहर है कुछ में शराब है
ये मसअला है तश्नगी किससे बुझाई जाय
- शहरयार ''अखलाक''



What are your comments about these Hindi-Urdu Poetry?

Page 1 of 1 All times are UTC + 5 hours
Powered by phpBB © 2000, 2002, 2005, 2007 phpBB Group
http://www.phpbb.com/