Urdu & Hindi Stories - Stories.pk

Read stories online, urdu stories, hindi stories, desi love stories, novels

Login | Register

Post new topic Reply to topic  [ 1 post ] 

Mon Jun 07, 2010 5:15 pm

Offline
User avatar
Joined: Fri May 14, 2010 2:18 pm
Posts: 1166

प्रकाश की किर्ण is interesting, desi Love poem - Kavita - Shayari ! hope you will like it.



“एकदम hundred percent correct, प्रकाश नें कहा। “अब आपको अपना promise निभाना होगा”, किर्ण ने बड़ी नज़ाकत से कहा। “ Sure, ask what you want.” प्रकाश नें कहा। किर्ण अपनी भरपूर जवानी के नशे में गानें लगीः

जो कुछ मैं मांगू अब, मत करना सर इनकार।
कबसे सोचाहै दिलने, मांगना आपसे प्यार।
हां, जो कुछ मैं मांगू अब, मत करना सर इनकार।।
किर्ण जवरदस्ती प्रकाश के गले में अपनी बांहे डाल उसे कुर्सी से उठाकर मस्ती से झूमनें लगी। प्रकाश उलझन में पड़ गया कि क्या करे। उसके दिलने उसे यह राए दी, “प्रकाश, किर्ण को प्यार का हिसटीरिया है। तुमनें इसे guide करनें की responsibility ली है और बेटा, ‘तू मान या न मान, तूभी इसे बहुत प्यार करता है’। अब तूही कोई रास्ता ढ़ंूढ़”। दिल की राए सुनकर प्रकाश नें गानें का जवाब इस तरह गाकर दियाः
ऐ मूर्ख लड़की तुमसे, कहता हुं बार बार।
नाज़ुक है अपना रिशता, दूं कैसे तुमको प्यार।
ऐ मूर्ख लड़की तुमसे, कहता हूं बार बार।।

(किर्ण नें ज़िद करते हुए कहा)ः
इस मूर्ख को अपनें दिल से, लगाओ सर एक बार।
फिर देखना कैसे आपका, दिल करेगा यूं इनकार।
हां, जो कुछ मैं मांगू अब, मत करना सर इनकार।।
यह गाती गाती किर्ण प्रकाश की गोद में गिर गई।
(प्रकाश नें सोचा कि किर्ण को हिसटीरिया के दौरे से होश में कैसे लाऊँ। उसे अचानक तरकीब सूझी) प्रकाश नें किर्ण को दोनों कन्धों से पकड़कर झटका दिया और झिड़की देकर कहा, “समझ से काम लो किर्ण”। किर्ण सहम सी गई और टकटकी लगाकर प्रकाश की आँखों में देखनें लगी। कुछ पल के बाद यह कहती हुई रोने लगी, “ऊँ..ऊँ..ऊँ..आपनें गुस्से होकर झिड़की दी मुझे।” “ I am sorry Kiran. Please try to understand”, प्रकाश नें किर्ण के चेहरे को अपने दिल से लगाकर और अपने दांएँ हाथ से उसकी ठोडी को ऊपर उठाकर प्यार से कहा। “Sir, आपनें ही तो कहा था: ask what you want”, किर्ण नें रुआवनी सी आवाज़ में कहा। “Okay, Okay, let us be real”, प्रकाश नें किर्ण को उसकी कुर्सी पर बिठाते हुए कहा। किर्ण कुछ होश में आई और प्रकाश की तरफ देखनें लगी।





i love to read this kind of poems !! what you like to read about poems ?



Top Top
  Profile
Display posts from previous:  Sort by  
Post new topic Reply to topic  [ 1 post ] 

All times are UTC + 5 hours


Who is online

Users browsing this forum: No registered users and 3 guests


You cannot post new topics in this forum
You cannot reply to topics in this forum
You cannot edit your posts in this forum
You cannot delete your posts in this forum
You cannot post attachments in this forum


Search for:
Jump to: